रक्षा बंधन पर फ्री में यात्रा करेंगी बहने

रक्षा बंधन को लेकर बहुत बड़ा अपडेट आया है। रक्षा बंधन के त्यौहार पर उत्तर प्रदेश समेत भारत के अनेक प्रदेशों में बहनों को फ्री में यात्रा करने का तोहफा दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने रक्षा बंधन के मौके पर लगातार तीन दिन तक बहनों को फ्री यात्रा करने का मौका देने की घोषणा की है।

Yogi 12
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locationभारत
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calendar29 Nov 2025 12:23 PM
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रक्षा बंधन को लेकर बहुत बड़ा अपडेट आया है। रक्षा बंधन के त्यौहार पर उत्तर प्रदेश समेत भारत के अनेक प्रदेशों में बहनों को फ्री में यात्रा करने का तोहफा दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने रक्षा बंधन के मौके पर लगातार तीन दिन तक बहनों को फ्री यात्रा करने का मौका देने की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश के साथ ही दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान तथा पंजाब में भी बहनों को फ्री यात्रा करने का मौका मिलेगा। Uttar Pradesh Samachar :

उत्तर प्रदेश सरकार बहनों को कराएगी फ्री में यात्रा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा बंधन पर उत्तर प्रदेश की बहनों के लिए बड़ी घोषणा की है। घोषण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की सभी बसों में बहनों (महिलाओं) को तीन दिन तक फ्री में यात्रा कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षा बंधन के अवसर पर उत्तर प्रदेश की बहनें 8 अगस्त, 9 अगस्त तथा 10 अगस्त को रोडवेज की बसों में फ्री में यात्रा करेंगी। रक्षा बंधन के मौके पर 8, 9 तथा 10 अगस्त को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में महिलाओं से किसी भी प्रकार का किराया नहीं लिया जाएगा। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (यूपी रोडवेज) की सभी बसों में तीन दिन तक महिलाएं फ्री में कितनी भी दूर आ जा सकती हैँ।

उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे प्रदेशों में भी फ्री यात्रा

उत्तर प्रदेश सरकार ने यह भी तय किया है कि यूपी रोडवेज की दूसरे प्रदेशों में चलने वाली बसों में भी बहनों को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली प्रदेश की सरकार, हरियाणा प्रदेश की सरकार, राजस्थान प्रदेश की सरकार तथा पंजाब प्रदेश की सरकार ने भी रक्षा बंधन के मौके पर बहनों के लिए सरकारी बसों में फ्री यात्रा की व्यवस्था करने की घोषणा की है। अगले एक-दो दिनों में अन्य प्रदेशों की सरकार भी रक्षा बंधन पर फ्री यात्रा की घोषणा कर सकती हैं। Uttar Pradesh Samachar :

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यूपी में 207 किमी लंबा साइकिल हाईवे : यूपी का ही नहीं एशिया का भी पहला अनोखा सफर

उत्तर प्रदेश में हाईवे और एक्सप्रेसवे की भरमार के बीच एक ऐसा हाईवे भी मौजूद है जो कारों, बसों या ट्रकों के लिए नहीं बल्कि सिर्फ साइकिल चालकों के लिए बनाया गया है। जी हां, हम बात कर रहे हैं "आगरा-इटावा साइकिल हाईवे" की जो न सिर्फ यूपी का बल्कि एशिया का भी पहला साइकिल हाईवे है।

Cykil hyway
Uttar Pradesh samachar :
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calendar29 Nov 2025 07:46 PM
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उत्तर प्रदेश में हाईवे और एक्सप्रेसवे की भरमार के बीच एक ऐसा हाईवे भी मौजूद है जो कारों, बसों या ट्रकों के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ साइकिल चालकों के लिए बनाया गया है। जी हां, हम बात कर रहे हैं "आगरा-इटावा साइकिल हाईवे" की, जो न सिर्फ यूपी का बल्कि एशिया का भी पहला साइकिल हाईवे है। Uttar Pradesh samachar :क्या है आगरा-इटावा साइकिल हाईवे की खासियत?


यह साइकिल हाईवे इटावा के लायन सफारी पार्क से शुरू होता है और आगरा तक 207 किलोमीटर की दूरी तय करता है। रास्ते में यह हाईवे 92 गांवों से गुजरता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को नई पहचान और कनेक्टिविटी मिलती है। यह हाईवे मुख्य सड़कों के समानांतर चलता है और इसकी चौड़ाई लगभग 7 फीट है। साइकिल चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसके बीच में डिवाइडर बनाया गया हैपर्यावरण और पर्यटन दोनों को बढ़ावा

यह हाईवे केवल एक ट्रैक नहीं, बल्कि एक ईको-टूरिज्म कॉरिडोर भी है। सफर के दौरान साइकिल सवार चंबल और यमुना की घाटियों की सुंदरता का आनंद ले सकते हैं। नौगवा का किला, राजा भोज की हवेली और बटेश्वरनाथ मंदिर जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों से होकर गुजरते है यह हाईवे। आगरा-इटावा साइकिल हाईवे का उद्घाटन साल 2016 में हुआ था। उद्घाटन के मौके पर भारत सहित 5 देशों के 90 साइकिल चालकों ने इस रूट पर रैली भी निकाली थी।

विवाद भी जुड़े रहेहालांकि शुरुआत में यह परियोजना काफी सराही गई, लेकिन कुछ समय बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे। कुछ हिस्सों में दरारें पड़ गईं। विपक्षी दलों ने इसे "दिखावटी प्रोजेक्ट" बताकर आलोचना भी की। ये साइकिल इसलिए खास हाईवे है कि स्वस्थ यात्रा, पर्यटन, पर्यावरण की सुरक्षा, तीनों को एक साथ साधता है। यह परियोजना बताती है कि साइकिलिंग केवल एक खेल या व्यायाम नहीं, बल्कि सतत विकास की दिशा में ठोस कदम है। अगर अन्य राज्यों में भी ऐसे साइकिल हाईवे होंगे तो भारत का साइकिलिंग फ्यूचर भी एक्सप्रेसवे जितना ही तेज हो सकता है! Uttar Pradesh samachar :


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उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला किया है। यह फैसला प्रदेश की दशा तथा दिशा बदलने वाला फैसला होगा। UP सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए प्रदेश में जल्दी ही पांच लाख रुपए का भारी भरकम पूंजी निवेश लाने की घोषणा की है। सरकार ने तय किया है कि GBC-3 के तहत पांच लाख करोड़ रुपए का पूंजी निवेश कराया जाएगा

उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला
locationभारत
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calendar27 Nov 2025 04:20 PM
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उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला किया है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह बड़ा फैसला प्रदेश की दशा तथा दिशा बदलने वाला फैसला होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए प्रदेश में जल्दी ही पाँच लाख रूपए का भारी भरकम पूँजी निवेश लाने की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश सरकार ने तय किया है कि उत्तर प्रदेश में जीबीसी-3 के तहत पाँच लाख करोड़ रूपए का पूंजी निवेश कराया जाएगा। Uttar Pradesh Samacharक्या है जीबीसी-5 जिसके द्वारा आएगा बड़ा बदलाव


उत्तर प्रदेश सरकार ने जीबीसी को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का नाम दिया है उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चार बार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) आयोजित की जा चुकी है। वर्ष-2025 के नवंबर के महीने में उत्तर प्रदेश में पाँचवीं जीबीसी-3 आयोजित की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि जीबीसी-5 के द्वारा प्रदेश में पाँच लाख करोड़ रूपए का पूँजीनिवेश जुटाया जाएगा। इतने भारी भरकम पूँजी निवेश के आने से उत्तर प्रदेश की दशा तथा दिशा पूरी तरह से बदल जाएगी।

प्रदेश में चल रहा है रिफॉर्म, परफोर्म तथा ट्रांसफॉर्म का दौर

उत्तर प्रदेश में तेजी के साथ हो रहे औद्योगिक विकास तथा बड़े पूँजी निवेश पर पूरी नजर डालना जरूरी है। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि उत्तर प्रदेश, जो कभी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य नहीं माना जाता था, आज देश के सबसे भरोसेमंद और तेजी से विकसित होते औद्योगिक राज्यों की पंक्ति में खड़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने निवेश और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में ऐसी छलांग लगाई है, जिसकी मिसाल कम ही देखने को मिलती है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” मॉडल का सर्वोत्तम उदाहरण बन चुका है। जहां एक ओर 2017 से पहले यूपी निवेश मानचित्र पर मुश्किल से स्थान पा रहा था, वहीं अब यह राज्य वैश्विक निवेशकों के लिए पहला विकल्प बन गया है। विगत 8 वर्षों में लाखों करोड़ का निवेश और दुनिया भर के निवेशकों का उत्तर प्रदेश की ओर रिझान इसी ओर इशारा कर रहा है। Uttar Pradesh Samacharयह भी पढ़े:राजस्थान के युवाओं के लिए बड़ी राहत: कोर्ट ने भर्ती पर लगी रोक हटाई, जल्द होंगे 6433 नियुक्तियांउत्तर प्रदेश में वर्ष- 2017 से पहले था निवेश का सूखा

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वर्ष 2000 से 2017 तक 17 वर्षों में उत्तर प्रदेश को महज ₹3,000 करोड़ का एफडीआई प्राप्त हुआ था। 2016 - 17 में यह आंकड़ा गिरकर ₹50 करोड़ तक सिमट गया था जो राज्य की छवि और औद्योगिक अभाव को दर्शाता है। राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग औसत थी, सिंगल विंडो सिस्टम जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी। यही नहीं, औद्योगिक विकास के लिए न तो स्पष्ट विज़न था और न ही स्थिर कानून व्यवस्था, जिससे निवेशकों में विश्वास की कमी बनी रही। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने "निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ गंतव्य" बनने का संकल्प लिया। इसके चलते 2019 से 2023 के बीच यूपी ने हजारों करोड़ से अधिक के एफडीआई को आकर्षित किया जो पूर्व की तुलना में कई गुना अधिक वृद्धि रही। सरकार ने दो इन्वेस्टर्स समिट (2018 यूपी इन्वेस्टर्स और 2023 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट) सफलतापूर्वक आयोजित किए। 2018 जीआईएस से ₹4.28 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जबकि 2023 जीआईएस से रिकॉर्ड ₹33.50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हासिल हुए। योगी सरकार ने इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) का सफलतापूर्वक आयोजन किया और अब जीबीसी-5 की तैयारी ज़ोरों पर है। Uttar Pradesh Samacharप्रदेश में हो रही है जीबीसी-5 की तैयारी

उत्तर प्रदेश में अब तक जो चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की गई हैं, उनके माध्यम से 16,000 से अधिक परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं इनमें 8,000 से अधिक में वाणिज्यिक संचालन शुरू हो चुका है, जबकि 8,000 से अधिक कार्यान्वयनाधीन हैं। जो निवेश धरातल पर उतर रहा है उसमें सबसे ज्यादा निवेश विनिर्माण (62.25%), सेवा (28.09%) और अवसंरचना क्षेत्रों में हुआ है। इसके माध्यम से वीवो, टाटा, अदानी, पेप्सिको, हल्दीराम, आइकिया जैसी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर अपने निवेश को धरातल पर उतारा है। इस वर्ष नंवबर में प्रस्तावित जीबीसी-5 के जरिए 5 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का लक्ष्य है जो आयोजन की तिथि तक बढ़कर 10 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। इस निवेश के धरातल पर उतरने से रोजगार के लाखों नए अवसर, स्थानीय उद्यमों का विकास और समग्र सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की उम्मीद है। Uttar Pradesh Samachar

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