नोएडा से जुड़ी हर बड़ी खबर, 01 अगस्त के अखबारों से, एक साथ पढ़ें

Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 01 अगस्त को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “तीन साल तक रुपये नहीं देने के झांसे में आए हजारों, गंवाए लाखों” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि मुजफ्फरनगर निवासी सुनील कुमार गोयल परचून की दुकान चलाते हैं। बिल्डर ने उनसे कहा कि आपको बुकिंग के बाद तीन साल तक पैसे नहीं देने हैं। यह सुनकर उनको लगा मानो मन की मुराद पूरी हो रही है। बिल्डर ने यहां तक कहा कि आपको लोन के लिए भी कहीं जाने की जरूरत नहीं है। इसके बाद उन्होंने 2014 में यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में सुपरटेक गोल्फ विलेज जमा करा दिए। चार लाख रुपये बुकिंग के दौरान भी दिए। बिल्डर ने एक निजी कंपनी से उनका 30 लाख रुपये का लोन मंजूर करा दिया. लेकिन तीन साल में घर देने और तीन साल तक किस्त पर ब्याज देने का दावा जब झूठ निकला तो सुनील के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। इसके बाद फाइनेंस कंपनी किस्त भरने का दबाव बनाने लगी। इस लोन के दौरान खरीदार के भाई, दोस्त, पत्नी आदि को गारंटर बनाया गया था। वे भी सभी फंस गए। उन पर पैसे चुकाने का दाव बनाया जाने लगा। सुप्रीम कोर्ट के 2022 के आदेश के बाद कित भाने का दबाव तो नहीं है लेकिन 30 लाख लोन के एवज में 20 लाख रुपये चुका चुके हैं। अब भी ब्याज बढ़कर करीब 25-30 लाख रुपये का बकाया है। इसके बाद भी इनको पर नहीं मिला है। इसमें सबवेशन स्कीम के हजारों और भी खरीदार हैं।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “नोबल को-ऑपरेटिव बैंक के सीईओ, मैनेजर समेत नौ पर धोखाधड़ी का केस ” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि लोन की किस्त जमा करने के बाद भी प्रॉपर्टी सील कर धोखाधड़ी करने के मामले में नोबल कॉपरेटिव बैंक के सीईओ, मैनेजर समेत नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि बैंक के सीईओ ने प्रॉपर्टी सील कराकर अपनी पत्नी के नाम रजिस्ट्री करा दी। आरोपी सीईओ बाइक बोट घोटाले में जेल जा चुका है। इस मामले में कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। नोएडा निवासी कालू सिंह चौहान ने पुलिस से शिकायत की है कि उन्होंने सेक्टर-22 स्थित नोबल को ऑपरेटिव बैंक से 2018 से 2019 के बीच 55 लाख रुपये का लोन लिया था। 2021 में कोविड के वक्त वह कुछ किस्त जमा नहीं कर पाए थे। इस दौरान केंद्र सरकार के निर्देश के बाद भी बैंक के अधिकारियों ने उनके दोनों लोन अकाउंट का एनपीए घोषित कर दिया। इस मामले में जानकारी होने पर वह बैंक गए और उन्होंने बताया कि 2023 तक अपने सभी पुराने बकाए दे चुका हूं। आगे की किस्तें भी समय से जमा कर रहे हैं। बैंक को लगातार किस्त देने के बाद भी उनकी सेक्टर-100 की प्रॉपर्टी को सील कर लिया। इसके बाद बैंक के सीईओ विजय शर्मा ने इसी बैंक की मैनेजर हेमलता के नाम पर 2024 में रजिस्ट्री कर दी। इस प्रॉपर्टी को कम कीमत में ही रजिस्ट्री की गई है। इस मामले में बैंक के सीईओ विजय कुमार, मैनेजर हेमलता शर्मा, राघव भारद्वाज, गोविंद भारद्वाज, रमेश चंद्र गुप्ता, मेहर सिंह, रोहन कुमार पांडेय समेत अन्य पर केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि बैंक का सीईओ बाइक बोट घोटाले में जेल गया था और जेल से आने के बाद इस तरह की गतिविधियों में शामिल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Hindi News:
अमर उजाला ने 01 अगस्त 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “ईवी का दबदबा, डीजल वाहनों को छोड़ा पीछे” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों का दबदबा कायम है। अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इन वाहनों के पंजीकरण ने डीजल वाहनों को पीछे छोड़ दिया है। लोग डीजल वाहनों से भी अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों को पसंद कर रहे हैं। परिवहन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष की बात करें तो छह माह के दौरान जहां आठ हजार इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हुए हैं, वहीं छह हजार डीजल वाहनों का पंजीकरण हुआ है। इसके पीछे सब्सिडी व वाहन पंजीकरण में मिल रही छूट है। दरअसल अक्तूबर 2022 से इलेक्ट्रिक वाहनों पर सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश में पंजीकरण पर टैक्स फ्री कर दिया गया है, साथ ही सब्सिडी भी दी जा रही है। ऐसे में वाहन स्वामियों को तीन लाख तक का फायदा इनकी खरीद पर मिल रहा है। वहीं देखा जा रहा है कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिल रही छूट के चलते यहां सार्वजनिक परिवहन में भी इस तरह के वाहनों ने बढ़त बना ली है। ई-ऑटो व ई-रिक्शा जमकर पंजीकृत हो रहे हैं। यहां तक कि सीएनजी ऑटो की जगह अब चालक ई-ऑटो खरीद रहे हैं। इससे चालकों को ऑटो तो सस्ता पड़ता ही है साथ ही परमिट जैसी शर्तों से राहत भी मिल जाती है। उप संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ सियाराम वर्मा ने बताया कि सरकार की इस स्कीम के बाद उत्तर प्रदेश में ई-वाहनों का पंजीकरण सबसे अधिक नोएडा में ही हो रहा है। प्रदेश में जिला अव्वल बना हुआ है। इलेक्ट्रिक वाहनों की छूट के लिए लोग अब दो माह और लाभ ले सकेंगे। इसके बाद यह स्कीम खत्म हो जाएगी। इस स्कीम के तहत केवल उत्तर प्रदेश में रहने वाले लोग ही लाभ ले सकते हैं। Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 01 अगस्त 2025 का प्रमुख समाचार “पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी प्रबंधन का डाटा चोरी करने वाला पूर्व कर्मी गिरफ्तार” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि खुद की कानी खोलकर नामी पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी प्रबंधन के डाटा को 11वीं पास पूर्व कर्मी ने चोरी किया था। पुलिस ने पूर्व कर्मी को बृहस्पतिवार को हिसार से दबोच लिया। उसके पास से एक मोबाइल, चार विजिटिंग कार्ड व दस्तावेज बरामद किए। चोरी करने की योजना बसीरीज देखने के बाद बनाई थी। न साल कंपनी में काम करने के नुभव के आधार पर काफी प्रयास बाद पासवर्ड तोड़ा था। इससे मली जानकारी पर नामी कंपनी के हकों तक पहुंच बनाई थी। परडीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने आरोपित पूर्व कर्मी की चान हरियाणा के हिसार के दमपुर के हवा सिंह के रूप में हुई। ताछ में सामने आया है कि वह नामी पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी के नोएडा स्थित कार्यालय में 2012 से 14 तक काम किया था। उसकी पहुंच कार्यालय में ग्राहकों की आइडी व पासवर्ड बनाने वाली पटल तक थी। उसको जानकारी थी कि आइडी व पासवर्ड कंपनी के नाम से झुलते हैं। वह 2016 में अपनी कंपनी बनाकर पैकर्स एंड मूवर्स का काम कर रहा था। 2020 में उसने अपनी कंपनी को को पंजीकृत कराया था। वह धीरे-धीरे काम काम को आगे बढ़ा रहा था। पिछले साल वेबसीरीज देखने के दौरान उसके मन में डाटा चोरी करने का विचार आया था। साइबर थाना प्रभारी रंजीत कुमार ने बताया कि आरोपित पूर्व कर्मी नामी कंपनी के कामन आइडी की जानकारी थी, लेकिन पासवर्ड का पता नहीं था। उसने एक हजार से भी ज्यादा बाद प्रयास किया। कई दिन प्रयास के बाद उसको डाटा संबंधी एक आइडी का पासवर्ड प्राप्त करने में सफलता मिल गई थी। वह करीब छह माह से प्रबंधन के पास आने वाली जानकारी को चोरी कर रहा था। इसकी मदद से संपर्क कर रहा था। ग्राहकों की निजी कंपनी के ग्राहकों तक पहुंच बनाकर जानकारी लीक होने होने पर कंपनी श्री निजी प्रबंधन के पास शिकायत पहुंची तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। आंतरिक जांच के बाद जून को साइब कराया था।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “एयरपोर्ट भू अधिग्रहण पर काम में तेजी लाने के दिए निर्देश” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भूमि अधिग्रहण की प्रगति पर डीएम मेधा रूपम की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक हुई। तीनों चरणों के भू अधिग्रहण व विस्थापन की जानकारी ली। डीएम ने कार्य में तेजी लाने व समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट के पहले चरण में 1,239 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हुआ है, जिस पर एयरपोर्ट लगभग तैयार है। दूसरे चरण में 1,181 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हुआ, जिसमें रन्हेरा, कुरैब, नगला जहानु, नगला भामला और नगला हुकम सिंह का विस्थापन होना है। इसके लिए फलैदा कट व माडलपुर पर 189 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अंतिम चरण में है। तीसरे चरण में जेवर के 14 गांवों की 1,888 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसमें आठ गांवों का विस्थापन भी शामिल है। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे व जेवर खुर्जा मार्ग से लगी हुई माडलपुर, मंगरौली, अलावलपुर गांव की 437 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। डीएम ने जमीन अधिग्रहण से जड़े सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि एयरपोर्ट परियोजना के सभी कामों में तेजी लाई जाए।
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Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 01 अगस्त को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “तीन साल तक रुपये नहीं देने के झांसे में आए हजारों, गंवाए लाखों” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि मुजफ्फरनगर निवासी सुनील कुमार गोयल परचून की दुकान चलाते हैं। बिल्डर ने उनसे कहा कि आपको बुकिंग के बाद तीन साल तक पैसे नहीं देने हैं। यह सुनकर उनको लगा मानो मन की मुराद पूरी हो रही है। बिल्डर ने यहां तक कहा कि आपको लोन के लिए भी कहीं जाने की जरूरत नहीं है। इसके बाद उन्होंने 2014 में यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में सुपरटेक गोल्फ विलेज जमा करा दिए। चार लाख रुपये बुकिंग के दौरान भी दिए। बिल्डर ने एक निजी कंपनी से उनका 30 लाख रुपये का लोन मंजूर करा दिया. लेकिन तीन साल में घर देने और तीन साल तक किस्त पर ब्याज देने का दावा जब झूठ निकला तो सुनील के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। इसके बाद फाइनेंस कंपनी किस्त भरने का दबाव बनाने लगी। इस लोन के दौरान खरीदार के भाई, दोस्त, पत्नी आदि को गारंटर बनाया गया था। वे भी सभी फंस गए। उन पर पैसे चुकाने का दाव बनाया जाने लगा। सुप्रीम कोर्ट के 2022 के आदेश के बाद कित भाने का दबाव तो नहीं है लेकिन 30 लाख लोन के एवज में 20 लाख रुपये चुका चुके हैं। अब भी ब्याज बढ़कर करीब 25-30 लाख रुपये का बकाया है। इसके बाद भी इनको पर नहीं मिला है। इसमें सबवेशन स्कीम के हजारों और भी खरीदार हैं।
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अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “नोबल को-ऑपरेटिव बैंक के सीईओ, मैनेजर समेत नौ पर धोखाधड़ी का केस ” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि लोन की किस्त जमा करने के बाद भी प्रॉपर्टी सील कर धोखाधड़ी करने के मामले में नोबल कॉपरेटिव बैंक के सीईओ, मैनेजर समेत नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि बैंक के सीईओ ने प्रॉपर्टी सील कराकर अपनी पत्नी के नाम रजिस्ट्री करा दी। आरोपी सीईओ बाइक बोट घोटाले में जेल जा चुका है। इस मामले में कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। नोएडा निवासी कालू सिंह चौहान ने पुलिस से शिकायत की है कि उन्होंने सेक्टर-22 स्थित नोबल को ऑपरेटिव बैंक से 2018 से 2019 के बीच 55 लाख रुपये का लोन लिया था। 2021 में कोविड के वक्त वह कुछ किस्त जमा नहीं कर पाए थे। इस दौरान केंद्र सरकार के निर्देश के बाद भी बैंक के अधिकारियों ने उनके दोनों लोन अकाउंट का एनपीए घोषित कर दिया। इस मामले में जानकारी होने पर वह बैंक गए और उन्होंने बताया कि 2023 तक अपने सभी पुराने बकाए दे चुका हूं। आगे की किस्तें भी समय से जमा कर रहे हैं। बैंक को लगातार किस्त देने के बाद भी उनकी सेक्टर-100 की प्रॉपर्टी को सील कर लिया। इसके बाद बैंक के सीईओ विजय शर्मा ने इसी बैंक की मैनेजर हेमलता के नाम पर 2024 में रजिस्ट्री कर दी। इस प्रॉपर्टी को कम कीमत में ही रजिस्ट्री की गई है। इस मामले में बैंक के सीईओ विजय कुमार, मैनेजर हेमलता शर्मा, राघव भारद्वाज, गोविंद भारद्वाज, रमेश चंद्र गुप्ता, मेहर सिंह, रोहन कुमार पांडेय समेत अन्य पर केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि बैंक का सीईओ बाइक बोट घोटाले में जेल गया था और जेल से आने के बाद इस तरह की गतिविधियों में शामिल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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अमर उजाला ने 01 अगस्त 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “ईवी का दबदबा, डीजल वाहनों को छोड़ा पीछे” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों का दबदबा कायम है। अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इन वाहनों के पंजीकरण ने डीजल वाहनों को पीछे छोड़ दिया है। लोग डीजल वाहनों से भी अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों को पसंद कर रहे हैं। परिवहन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष की बात करें तो छह माह के दौरान जहां आठ हजार इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हुए हैं, वहीं छह हजार डीजल वाहनों का पंजीकरण हुआ है। इसके पीछे सब्सिडी व वाहन पंजीकरण में मिल रही छूट है। दरअसल अक्तूबर 2022 से इलेक्ट्रिक वाहनों पर सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश में पंजीकरण पर टैक्स फ्री कर दिया गया है, साथ ही सब्सिडी भी दी जा रही है। ऐसे में वाहन स्वामियों को तीन लाख तक का फायदा इनकी खरीद पर मिल रहा है। वहीं देखा जा रहा है कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिल रही छूट के चलते यहां सार्वजनिक परिवहन में भी इस तरह के वाहनों ने बढ़त बना ली है। ई-ऑटो व ई-रिक्शा जमकर पंजीकृत हो रहे हैं। यहां तक कि सीएनजी ऑटो की जगह अब चालक ई-ऑटो खरीद रहे हैं। इससे चालकों को ऑटो तो सस्ता पड़ता ही है साथ ही परमिट जैसी शर्तों से राहत भी मिल जाती है। उप संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ सियाराम वर्मा ने बताया कि सरकार की इस स्कीम के बाद उत्तर प्रदेश में ई-वाहनों का पंजीकरण सबसे अधिक नोएडा में ही हो रहा है। प्रदेश में जिला अव्वल बना हुआ है। इलेक्ट्रिक वाहनों की छूट के लिए लोग अब दो माह और लाभ ले सकेंगे। इसके बाद यह स्कीम खत्म हो जाएगी। इस स्कीम के तहत केवल उत्तर प्रदेश में रहने वाले लोग ही लाभ ले सकते हैं। Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 01 अगस्त 2025 का प्रमुख समाचार “पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी प्रबंधन का डाटा चोरी करने वाला पूर्व कर्मी गिरफ्तार” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि खुद की कानी खोलकर नामी पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी प्रबंधन के डाटा को 11वीं पास पूर्व कर्मी ने चोरी किया था। पुलिस ने पूर्व कर्मी को बृहस्पतिवार को हिसार से दबोच लिया। उसके पास से एक मोबाइल, चार विजिटिंग कार्ड व दस्तावेज बरामद किए। चोरी करने की योजना बसीरीज देखने के बाद बनाई थी। न साल कंपनी में काम करने के नुभव के आधार पर काफी प्रयास बाद पासवर्ड तोड़ा था। इससे मली जानकारी पर नामी कंपनी के हकों तक पहुंच बनाई थी। परडीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने आरोपित पूर्व कर्मी की चान हरियाणा के हिसार के दमपुर के हवा सिंह के रूप में हुई। ताछ में सामने आया है कि वह नामी पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी के नोएडा स्थित कार्यालय में 2012 से 14 तक काम किया था। उसकी पहुंच कार्यालय में ग्राहकों की आइडी व पासवर्ड बनाने वाली पटल तक थी। उसको जानकारी थी कि आइडी व पासवर्ड कंपनी के नाम से झुलते हैं। वह 2016 में अपनी कंपनी बनाकर पैकर्स एंड मूवर्स का काम कर रहा था। 2020 में उसने अपनी कंपनी को को पंजीकृत कराया था। वह धीरे-धीरे काम काम को आगे बढ़ा रहा था। पिछले साल वेबसीरीज देखने के दौरान उसके मन में डाटा चोरी करने का विचार आया था। साइबर थाना प्रभारी रंजीत कुमार ने बताया कि आरोपित पूर्व कर्मी नामी कंपनी के कामन आइडी की जानकारी थी, लेकिन पासवर्ड का पता नहीं था। उसने एक हजार से भी ज्यादा बाद प्रयास किया। कई दिन प्रयास के बाद उसको डाटा संबंधी एक आइडी का पासवर्ड प्राप्त करने में सफलता मिल गई थी। वह करीब छह माह से प्रबंधन के पास आने वाली जानकारी को चोरी कर रहा था। इसकी मदद से संपर्क कर रहा था। ग्राहकों की निजी कंपनी के ग्राहकों तक पहुंच बनाकर जानकारी लीक होने होने पर कंपनी श्री निजी प्रबंधन के पास शिकायत पहुंची तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। आंतरिक जांच के बाद जून को साइब कराया था।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “एयरपोर्ट भू अधिग्रहण पर काम में तेजी लाने के दिए निर्देश” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भूमि अधिग्रहण की प्रगति पर डीएम मेधा रूपम की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक हुई। तीनों चरणों के भू अधिग्रहण व विस्थापन की जानकारी ली। डीएम ने कार्य में तेजी लाने व समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट के पहले चरण में 1,239 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हुआ है, जिस पर एयरपोर्ट लगभग तैयार है। दूसरे चरण में 1,181 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हुआ, जिसमें रन्हेरा, कुरैब, नगला जहानु, नगला भामला और नगला हुकम सिंह का विस्थापन होना है। इसके लिए फलैदा कट व माडलपुर पर 189 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अंतिम चरण में है। तीसरे चरण में जेवर के 14 गांवों की 1,888 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसमें आठ गांवों का विस्थापन भी शामिल है। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे व जेवर खुर्जा मार्ग से लगी हुई माडलपुर, मंगरौली, अलावलपुर गांव की 437 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। डीएम ने जमीन अधिग्रहण से जड़े सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि एयरपोर्ट परियोजना के सभी कामों में तेजी लाई जाए।
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