अब मैं चुनाव कैसे लड़ूं? : तेजस्वी यादव का बड़ा आरोप, कहा- मेरा नाम ही वोटर लिस्ट से काट दिया गया

बिहार में मतदाता सूची की समीक्षा को लेकर सियासी बवाल लगातार गहराता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर सीधे-सीधे गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा सवाल दाग दिया है।

Tejaswi
Bihar Election
locationभारत
userचेतना मंच
calendar02 Nov 2025 09:03 AM
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बिहार में मतदाता सूची की समीक्षा को लेकर सियासी बवाल गहराता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर सीधे-सीधे गंभीर आरोप लगाए और कहा कि मतदाता सूची में भारी गड़बड़ियां की गई हैं। तेजस्वी का दावा है कि खुद उनका नाम भी वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। उन्होंने इसे एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए कहा "अब मैं चुनाव कैसे लड़ूंगा?" Bihar Election :

'चोरी से भी खतरनाक है ये प्रक्रिया'

तेजस्वी यादव ने पटना स्थित अपने आधिकारिक आवास पर पत्रकारों से कहा, हमने पहले ही चेताया था कि मतदाता सूची की यह कवायद निष्पक्ष नहीं है। हमने यह भी कहा था कि गरीब, वंचित और हाशिए पर खड़े वर्गों के नाम जानबूझकर हटाए जाएंगे। आज वही हो रहा है। चुनाव आयोग ने न तो हमारे सुझाव माने, न ही सुप्रीम कोर्ट की सलाह का पालन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से नाम हटाने की जानकारी तो दी है, लेकिन यह नहीं बताया गया कि किस आधार पर किसका नाम हटाया गया। तेजस्वी ने कहा मुझे तो खुद अपना नाम भी वोटर लिस्ट में नहीं मिला, जबकि मैंने गणना प्रपत्र विधिवत भरा था।

'नाम क्यों काटे? कारण नहीं बताया गया'

तेजस्वी ने सवाल उठाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने से पहले क्या संबंधित नागरिकों को नोटिस दिया गया था? क्या उनके पते या दस्तावेजों का फिजिकल वेरिफिकेशन हुआ? उन्होंने कहा, चुनाव आयोग को ये बताना चाहिए कि 65 लाख नाम किस आधार पर हटाए गए? अगर आयोग सही है, तो पारदर्शिता से जवाब दे। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग के पास मतदाता का नाम, बूथ और ईपिक नंबर देने की जिम्मेदारी है, ताकि कोई तुलनात्मक अध्ययन किया जा सके। "लेकिन आयोग जानबूझकर जानकारी नहीं दे रहा।

'जिन्हें बाहर करना था, उन्हें ही टारगेट किया गया'

तेजस्वी यादव ने दावा किया कि हर विधानसभा क्षेत्र से करीब 20 से 30 हजार नाम काटे गए हैं। राज्य में 8.5% मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर 36 लाख नाम अस्थायी पलायन के आधार पर हटाए गए, तो फिर सरकार के आंकड़ों के अनुसार जो तीन करोड़ से ज्यादा लोग बिहार से बाहर हैं, उनमें से नाम क्यों नहीं कटे? तेजस्वी ने आरोप लगाया कि ये तय कर लिया गया है कि किस पार्टी की सरकार बनानी है। आयोग उसी दिशा में काम कर रहा है।

तेजस्वी ने आयोग को घेरा, मांगा विस्तार से विवरण

तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग को 10 सवालों की एक खुली चुनौती दी और कहा कि जब तक मतदाता सूची में की गई कटौती की विस्तृत जानकारी कारण सहित, बूथवार सार्वजनिक नहीं की जाती, तब तक आपत्ति दर्ज कराने की समय-सीमा को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा, *"अगर चुनाव आयोग ईमानदार है, तो स्पष्ट करे कि किन जिलों में, किन कारणों से, किन-किन लोगों के नाम हटाए गए। यह अब आम चुनावों की निष्पक्षता का सवाल है, सिर्फ एक सूची का नहीं।"* Bihar Election :

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मालेगांव केस : धमाका तो साबित हुआ, लेकिन इन 4 वजहों से सभी आरोपी बरी

Pragya thakur
Malegaon Case : 
locationभारत
userचेतना मंच
calendar05 Nov 2025 01:12 AM
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2008 के मालेगांव बम धमाके मामले में मुंबई की एनआईए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया। इनमें भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित, स्वामी असीमानंद और अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं। फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया कि धमाके की घटना तो सच थी, लेकिन उससे जुड़े आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त और ठोस सबूत नहीं मिले। न्यायाधीश एके लाहोटी ने फैसले में वो चार मुख्य बिंदु रखे, जिनके आधार पर अदालत ने यह निष्कर्ष निकाला कि आरोपी आतंक की साजिश में शामिल नहीं थे। Malegaon Case :

अदालत ने किन 4 कारणों से सभी आरोपियों को बरी किया?

1. प्रज्ञा ठाकुर और बाइक का संबंध साबित नहीं हुआ अदालत ने माना कि मालेगांव में धमाका हुआ, लेकिन जिस मोटरसाइकिल में बम लगाया गया, उसे लेकर प्रज्ञा सिंह ठाकुर के साथ कोई स्पष्ट संबंध साबित नहीं किया जा सका। फॉरेंसिक रिपोर्ट में बाइक का सीरियल नंबर तक स्पष्ट नहीं किया गया। नतीजतन, धमाके और प्रज्ञा ठाकुर के बीच कोई प्रत्यक्ष लिंक अदालत में स्थापित नहीं हो सका। 2.प्रज्ञा एक संन्यासी थीं, साजिश का हिस्सा नहीं अदालत ने माना कि प्रज्ञा सिंह ठाकुर सन्यास ले चुकी थीं और बम धमाके से करीब दो साल पहले ही दुनियावी जीवन और संपत्ति त्याग चुकी थीं। सबसे अहम बात ये रही कि उनके किसी भी सह-आरोपी के साथ साजिश रचने के कोई साक्ष्य नहीं मिले। 3. लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित पर भी सबूत नहीं कर्नल पुरोहित पर आरोप था कि उन्होंने आरडीएक्स मुहैया कराया और साजिश रची, लेकिन कोर्ट ने कहा कि आरडीएक्स की आपूर्ति या बम बनाने में उनकी भूमिका साबित नहीं की जा सकी। उनके खिलाफ भी ऐसा कोई प्रत्यक्ष या परिस्थितिजन्य सबूत नहीं मिला जिससे उन्हें आतंकी गतिविधियों से जोड़ा जा सके। 4. फंडिंग का कोई ठोस सबूत नहीं मिला कोर्ट ने कहा कि धमाके की फंडिंग कहां से हुई, यह पूरी तरह अस्पष्ट रहा। केवल एक लेनदेन का जिÞक्र आया, जो कर्नल पुरोहित और आरोपी अजय राहीकर के बीच हुआ, लेकिन अदालत ने पाया कि वह रकम कर्नल का निजी मकान बनाने के लिए थी, न कि किसी आतंकी साजिश के लिए।

मालेगांव धमाकों का संक्षिप्त इतिहास

2006 में पहला बम धमाका, शब-ए-बरात की रात को हुआ। यह धमाका कब्रिस्तान और मस्जिद के पास हुआ था, जिसमें 37 से अधिक लोग मारे गए और 100+ घायल हुए। इस मामले में 9 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन 2019 में सभी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। 2008 में दूसरा धमाका 29 सितंबर को एक बाइक में रखे बम से हुआ था। इसमें 6 लोग मारे गए और 100 से ज्यादा घायल हुए। यही केस साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित और अन्य पर चला, जिसकी जांच बाद में एनआईए को सौंप दी गई। 2008 के मालेगांव धमाके को लेकर आज आया यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया, सबूतों की अहमियत और आतंकवाद के आरोपों के प्रति अदालत के संतुलित रवैये को दर्शाता है। अदालत ने यह भी साफ किया कि भावनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि साक्ष्यों के आधार पर फैसला किया जाता है।

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ओला की छुट्टी करने आ रही ये दमदार इलेक्ट्रिक बाइक! 5 दिन बाद होगी लॉन्च, मिलेगी नई टेक्नोलॉजी

Oben
Electric Vehicle Market
locationभारत
userचेतना मंच
calendar29 Oct 2025 09:54 AM
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Electric Vehicle Market : भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में धूम मचाने आ रही है OBEN की नई इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल। 5 अगस्त को लॉन्च होने जा रही इस अगली पीढ़ी की बाइक में कंपनी ने कई बड़े अपडेट और एडवांस टेक्नोलॉजी शामिल की है, जो इसे मौजूदा विकल्पों से एक कदम आगे खड़ा करती है। कंपनी का दावा है कि यह बाइक उसकी इन-हाउस विकसित *LFP बैटरी टेक्नोलॉजी* पर आधारित है, जो पिछले वर्जन से दोगुनी बैटरी लाइफ और 50% ज्यादा हीट रेजिस्टेंस देती है। यानी गर्मियों में भी यह बाइक शानदार परफॉर्मेंस देने में सक्षम होगी। टीजर इमेज से साफ है कि बाइक की डिजाइन पुराने मॉडल से काफी मिलती-जुलती है, लेकिन परफॉर्मेंस में यह नए मानक स्थापित करने वाली है।

5 अगस्त से बुकिंग, 15 अगस्त से डिलीवरी

OBEN कंपनी अपनी नई *OBEN EZ* इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल की बुकिंग लॉन्च के दिन से ही शुरू कर देगी। डिलीवरी 15 अगस्त 2025 से शुरू होने की संभावना है। गौरतलब है कि इस बाइक का पहला वर्जन नवंबर 2024 में लॉन्च किया गया था। नई OBEN EZ बाइक *ARX प्लेटफॉर्म* पर आधारित है और *O100 प्लेटफॉर्म* पर तैयार की गई है। O100 एक मॉड्यूलर तकनीक है जिसे कंपनी के बेंगलुरु में विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म 1 लाख से कम कीमत वाले मॉडलों के लिए बेस बनेगा और इसमें कई बैटरी विकल्पों और वेरिएंट्स को सपोर्ट करने की क्षमता होगी।

दमदार स्पेसिफिकेशन रफ्तार और रेंज में जबरदस्त

बाइक दो वेरिएंट्स में आएगी: 3.4 बैटरी वेरिएंट- कीमत 1,19,999 4.4 बैटरी वेरिएंट- कीमत 1,29,999

स्मार्ट फीचर्स का वादा

हालांकि कंपनी ने अब तक नए मॉडल के सभी फीचर्स का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उसने यह जरूर बताया है कि बाइक कंप्यूटर-फर्स्ट अपील को बरकरार रखेगी और स्मार्ट राइडर्स के लिए कई नए अपग्रेड लेकर आएगी। अगर आप इलेक्ट्रिक बाइक में शानदार रेंज, दमदार स्पीड, एडवांस बैटरी और नई टेक्नोलॉजी की तलाश में हैं, तो 5 अगस्त को आने वाली यह ओबेन बाइक आपकी उम्मीदों पर खरी उतर सकती है। यह ओला जैसे दिग्गजों को टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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