छोटी सी सेविंग, बड़ा धमाका ! डाकघर की इस योजना में छुपा है खजाना

छोटी-छोटी बचत अगर सही दिशा में की जाए तो वो एक दिन बड़ी दौलत में बदल सकती है। आपकी बेटी का भविष्य अब महज एक सपना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित निवेश से पूरी तरह सुरक्षित हो सकता है। डाकघर की भरोसेमंद योजना ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ के तहत सिर्फ ₹400 रोजाना की बचत से आप ₹70 लाख तक का फंड तैयार कर सकते हैं।

Sukanya Samriddhi Yojana
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calendar19 Nov 2025 11:53 AM
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छोटी-छोटी बचत अगर सही दिशा में की जाए तो वो एक दिन बड़ी दौलत में बदल सकती है। आपकी बेटी का भविष्य अब महज एक सपना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित निवेश से पूरी तरह सुरक्षित हो सकता है। डाकघर की भरोसेमंद योजना ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ के तहत सिर्फ ₹400 रोज़ाना की बचत से आप ₹70 लाख तक का फंड तैयार कर सकते हैं।

सरकारी गारंटी के साथ आने वाली यह योजना पूरी तरह टैक्स फ्री है और इस पर इस समय 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। यह स्कीम उन माता-पिता के लिए किसी वरदान से कम नहीं, जो अपनी बेटियों की पढ़ाई, शादी और भविष्य को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना चाहते हैं। Sukanya Samriddhi Yojana

क्या है योजना की खासियत?

इस योजना के अंतर्गत आप अपनी 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम से खाता खोल सकते हैं। एक परिवार अधिकतम दो बेटियों के नाम पर अकाउंट खोल सकता है। हालांकि, यदि जुड़वा बेटियां हैं तो तीन अकाउंट खोलने की अनुमति है।

  • निवेश की न्यूनतम राशि: ₹250 प्रति वर्ष
  • अधिकतम राशि: ₹1.5 लाख प्रति वर्ष
  • निवेश की अवधि: 15 वर्ष
  • परिपक्वता अवधि: खाता खोलने के 21 वर्ष बाद

अगर आप हर दिन लगभग ₹400 की बचत करते हैं यानी ₹12,500 प्रति माह, तो यह सालाना ₹1.5 लाख के निवेश में तब्दील हो जाएगा। यही रकम यदि आप लगातार 15 वर्षों तक जमा करते हैं, तो कुल निवेश ₹22.5 लाख होगा।

यह भी पढ़े:71वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में शाहरुख, विक्रांत और रानी ने रचा इतिहास, जानें पूरी विनर्स लिस्टकैसे मिलेंगे करीब 70 लाख रुपये?

इस योजना में मिलने वाला ब्याज चक्रवृद्धि दर (Compound Interest) पर आधारित होता है। यानी, ब्याज पर भी ब्याज मिलेगा। 15 साल तक किए गए ₹22.5 लाख के निवेश पर लगभग ₹46.77 लाख का ब्याज बनता है। इस प्रकार, परिपक्वता के समय कुल राशि ₹69.27 लाख हो जाती है।

पैसा निकालने के नियम क्या हैं?

जब बेटी 18 वर्ष की हो जाए या उसने 10वीं की परीक्षा पास कर ली हो, तब खाते से आंशिक निकासी संभव है। पूरी राशि की निकासी खाता खोलने के 21 साल पूरे होने पर या विवाह के समय की जा सकती है।

यदि किसी वर्ष न्यूनतम ₹250 जमा नहीं किया गया, तो खाता निष्क्रिय हो जाएगा। लेकिन इसे 15 वर्षों की अवधि के भीतर पुनः सक्रिय किया जा सकता है।

क्यों है यह योजना खास?

  • सुरक्षित निवेश: केंद्र सरकार द्वारा समर्थित
  • उच्च ब्याज दर: फिक्स्ड डिपॉजिट से बेहतर रिटर्न
  • टैक्स फ्री: निवेश, ब्याज और परिपक्वता राशि—तीनों पर टैक्स नहीं
  • बेटियों के भविष्य की योजना का स्मार्ट विकल्प   Sukanya Samriddhi Yojana


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शेयर बाजार में लाल-लाल छाया, निवेशकों के छिन गए करोड़ों

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locationभारत
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calendar16 Nov 2025 08:29 AM
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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भी बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और सेंसेक्स व निफ्टी एक बार फिर लाल निशान में फिसलते नजर आए। यह लगातार चौथा कारोबारी दिन है जब शेयर बाजार (Stock Market) गिरावट के साथ बंद हो रहा है। निवेशकों के लिए यह दौर नुकसान भरा साबित हो रहा है क्योंकि पिछले चार दिनों में ही उनके करीब 13 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं। Stock Market सोमवार को भी बाजार रहा धड़ाम


सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स में करीब 180 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 50 भी कमजोर हुआ और ट्रेडिंग के शुरुआती घंटे में दोनों ही सूचकांकों में सुस्ती देखी गई। इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 572 अंक टूटकर 80,891.02 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में 156 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,680.90 पर बंद हुआ। भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर अनिश्चितता और कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों के चलते बाजार में घबराहट बढ़ गई है।

क्यों गिर रहा है बाजार?


विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार की मौजूदा गिरावट के पीछे कई वजहें हैं। अमेरिका और भारत के बीच व्यापार वार्ता को लेकर चिंता, कई बड़ी कंपनियों के उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजे, ग्लोबल टैरिफ और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता। इन सब वजहों से निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा है और वे जोखिम लेने से बच रहे हैं।

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निवेशकों की चिंता बढ़ी

लगातार गिरावट ने छोटे और मध्यम निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में अगर वैश्विक और घरेलू संकेतक नहीं सुधरे, तो गिरावट का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। 

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शेयर बाजार में बिकवाली की सुनामी, निवेशकों के 8 लाख करोड़ स्वाहा!

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन भी बाजार लाल निशान में खुला और भारी बिकवाली देखी गई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंताओं ने निवेशकों की भावनाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है।

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locationभारत
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calendar04 Dec 2025 12:51 PM
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Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन भी बाजार लाल निशान में खुला और भारी बिकवाली देखी गई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंताओं ने निवेशकों की भावनाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स की शुरुआत करीब 350 अंकों की गिरावट के साथ हुई। हालांकि कुछ देर बाद बाजार में हल्की रिकवरी देखी गई और सुबह 9:41 बजे तक सेंसेक्स 143.29 अंकों की गिरावट के साथ 81,319.80 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 भी लाल निशान में बना रहा।

बुधवार से अब तक 8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान


बाजार में बुधवार को आई तेजी के बाद से अब तक निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं। पिछले हफ्ते गुरुवार और शुक्रवार को भी बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ था। सोमवार को शेयर बाजार के सेक्टोरल फ्रंट पर मिला-जुला रुझान देखने को मिला, निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा कमजोरी, करीब 1.8% की गिरावट, आईटी इंडेक्स भी 1.07% की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा, बैंकिंग, मीडिया, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स भी नुकसान में रहे। वहीं निफ्टी ऑटो, एफएमसीजी, मेटल, फार्मा, पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स हरे निशान में खुले, जिससे बाजार को कुछ हद तक संतुलन मिला।

कोटक महिंद्रा और TCS में तेज गिरावट


सोमवार को कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। खबर लिखे जाने तक यह करीब 7% टूट चुका था। वहीं, TCS के शेयरों में भी कमजोरी बनी रही। बीते सप्ताह भारी गिरावट के बाद बजाज फाइनेंशियल सर्विसेज और टाटा मोटर्स में हल्की रिकवरी दर्ज की गई। शुक्रवार को बाजार की भारी गिरावट ने निवेशकों को 6.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया था। वैश्विक अनिश्चितताओं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच, खासतौर पर फाइनेंस सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया था।

क्या है गिरावट की वजह?

टैरिफ और व्यापार से जुड़े वैश्विक तनाव। विदेशी निवेशकों की सतत बिकवाली। आईटी और फाइनेंशियल सेक्टर में कमजोरी। कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर की मजबूती का असर। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। अगले कुछ दिन बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, कॉरपोरेट नतीजों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी।

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