डर नहीं, तैयारी है ! नोएडा और गाजियाबाद में मॉक ड्रिल के तहत सायरन बजेंगे
ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के नागरिक आज दोपहर जब सायरन की आवाजें सुनें तो किसी भी तरह की घबराहट या अफवाह फैलाने से बचें। दरअसल, जिले में राष्ट्रीय स्तर की मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है जिसका मकसद संभावित भूकंप और औद्योगिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखना है।

ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के नागरिक आज दोपहर जब सायरन की आवाजें सुनें, तो किसी भी तरह की घबराहट या अफवाह फैलाने से बचें। दरअसल, जिले में राष्ट्रीय स्तर की मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है, जिसका मकसद संभावित भूकंप और औद्योगिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखना है। Greater Noida Samachar
भूकंप और रासायनिक आपदा पर विशेष फोकस
गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जिलों को भूकंप के ज़ोन-4 में रखा गया है, जहां भूकंप की तीव्रता मामूली होने पर भी बड़ा नुकसान हो सकता है। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए आज पांच अलग-अलग स्थानों पर एक साथ मॉक ड्रिल की जा रही है। इसमें पुलिस, एनडीआरएफ, अग्निशमन, चिकित्सा विभाग, नगर पालिका, यातायात पुलिस और होमगार्ड सहित सभी आपात सेवाएं सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। मॉक ड्रिल की खास बात यह है कि इसमें स्कूल के बच्चों कोgaziabad sam भी शामिल किया गया है। प्रशासन का मानना है कि आपदा की स्थिति में बचाव की सही जानकारी यदि बचपन से ही दी जाए, तो जनहानि को काफी हद तक रोका जा सकता है। बच्चों को आपातकालीन निकासी, आत्मरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा से जुड़े प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं।
यह भी पढ़े:प्राइवेट औद्योगिक पार्क बदलेंगे उत्तर प्रदेश की दशा तथा दिशाडीएम ने संभाली कमान, सख्त निर्देश जारी
ड्रिल से एक दिन पहले जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कलेक्ट्रेट में संबंधित विभागों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। डीएम ने साफ निर्देश दिए कि सभी अधिकारी एवं दल तय समय पर अपने-अपने स्थानों पर मौजूद रहें। संचार माध्यम, रूटमैप, एंबुलेंस, और राहत उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
फील्ड पर उतरेंगे इंसीडेंट कमांडर
प्रशासन ने मॉक ड्रिल के संचालन के लिए पांच अनुभवी इंसीडेंट कमांडरों को तैनात किया है, जो मौके पर विभिन्न टीमों का समन्वय करेंगे और आपदा की स्थिति में प्रतिक्रिया की क्षमता का परीक्षण करेंगे। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि असल आपदा की घड़ी में सभी एजेंसियां समन्वित और दक्ष तरीके से काम करें। ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ गाजियाबाद में भी आज यह मॉक ड्रिल की जा रही है। राज्य स्तरीय इस पहल का उद्देश्य न केवल विभागीय तालमेल को परखना है, बल्कि आमजन में आपदा के प्रति जागरूकता और तत्परता को भी बढ़ाना है। Greater Noida Samachar
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ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के नागरिक आज दोपहर जब सायरन की आवाजें सुनें, तो किसी भी तरह की घबराहट या अफवाह फैलाने से बचें। दरअसल, जिले में राष्ट्रीय स्तर की मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है, जिसका मकसद संभावित भूकंप और औद्योगिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखना है। Greater Noida Samachar
भूकंप और रासायनिक आपदा पर विशेष फोकस
गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जिलों को भूकंप के ज़ोन-4 में रखा गया है, जहां भूकंप की तीव्रता मामूली होने पर भी बड़ा नुकसान हो सकता है। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए आज पांच अलग-अलग स्थानों पर एक साथ मॉक ड्रिल की जा रही है। इसमें पुलिस, एनडीआरएफ, अग्निशमन, चिकित्सा विभाग, नगर पालिका, यातायात पुलिस और होमगार्ड सहित सभी आपात सेवाएं सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। मॉक ड्रिल की खास बात यह है कि इसमें स्कूल के बच्चों कोgaziabad sam भी शामिल किया गया है। प्रशासन का मानना है कि आपदा की स्थिति में बचाव की सही जानकारी यदि बचपन से ही दी जाए, तो जनहानि को काफी हद तक रोका जा सकता है। बच्चों को आपातकालीन निकासी, आत्मरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा से जुड़े प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं।
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ड्रिल से एक दिन पहले जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कलेक्ट्रेट में संबंधित विभागों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। डीएम ने साफ निर्देश दिए कि सभी अधिकारी एवं दल तय समय पर अपने-अपने स्थानों पर मौजूद रहें। संचार माध्यम, रूटमैप, एंबुलेंस, और राहत उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
फील्ड पर उतरेंगे इंसीडेंट कमांडर
प्रशासन ने मॉक ड्रिल के संचालन के लिए पांच अनुभवी इंसीडेंट कमांडरों को तैनात किया है, जो मौके पर विभिन्न टीमों का समन्वय करेंगे और आपदा की स्थिति में प्रतिक्रिया की क्षमता का परीक्षण करेंगे। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि असल आपदा की घड़ी में सभी एजेंसियां समन्वित और दक्ष तरीके से काम करें। ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ गाजियाबाद में भी आज यह मॉक ड्रिल की जा रही है। राज्य स्तरीय इस पहल का उद्देश्य न केवल विभागीय तालमेल को परखना है, बल्कि आमजन में आपदा के प्रति जागरूकता और तत्परता को भी बढ़ाना है। Greater Noida Samachar
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