बिहार अपडेट: प्रेम कुमार बनेंगे स्पीकर, श्रेयसी सिंह समेत 11 नए चेहरों को मिली एंट्री

बिहार अपडेट: प्रेम कुमार बनेंगे स्पीकर, श्रेयसी सिंह समेत 11 नए चेहरों को मिली एंट्री

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calendar27 Nov 2025 03:20 PM
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बिहार अपडेट: प्रेम कुमार बनेंगे स्पीकर, श्रेयसी सिंह समेत 11 नए चेहरों को मिली एंट्री

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Pushpa 2 की सक्सेस के बीच मुश्किल में घिरे अभिनेता अल्लू अर्जुन, गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज

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locationभारत
userचेतना मंच
calendar05 Dec 2025 03:44 AM
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Entertainment News: साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन अपनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म पुष्पा 2 को लेकर सुर्खियों में छाए हुए हैं। लेकिन इस फिल्म की सक्सेस के बीच अब अभिनेता मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। दरअसल हैदराबाद में फिल्म पुष्पा 2 की स्क्रीनिंग के दौरान भगदड़ मचने की वजह से एक महिला की मौत हो गई। अब इसी मामले में अभिनेता अल्लू अर्जुन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज हो गया है।

पुष्पा 2 की स्क्रीनिंग में पहुंचे थे अल्लू अर्जुन:

अभिनेता अल्लू अर्जुन बुधवार रात को हैदराबाद के संध्या थियेटर में चल रही पुष्पा 2 की स्क्रीनिंग के दौरान अचानक से पहुंचे थे। ऐसे में थिएटर के बाहर मौजूद उनके फैंस उनसे मिलने के लिए बेताब हो गए, जिसकी वजह से भगदड़ मच गई। पुलिस ने काफी कंट्रोल करने की कोशिश की लेकिन फिर भी इस भगदड़ में सांस घुटने की वजह से कई लोग घायल हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग बुरी तरह से घायल है। इसी मामले में अभिनेता अल्लू अर्जुन और उनके सिक्योरिटी टीम के साथ-साथ थिएटर मैनेजमेंट के खिलाफ, चिक्काडपल्ली पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 118(1) (जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया है।

तय समय से लेट पहुंचे थे अभिनेता:

खबरों के मुताबिक अल्लू अर्जुन स्क्रीनिंग के दौरान निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचे थे, जिसकी वजह से फैंस की ढेर सारी भीड़ इकट्ठी हो गई थी। ऐसे में अभिनेता के थिएटर पहुंचते ही भीड़ उनसे मिलने के लिए बेकाबू हो गई। जिसकी वजह से ये हादसा हुआ। पुष्पा 2 ने हिंदी बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, तोड़ा शाहरुख खान का रिकॉर्ड

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Bharat Ratna : लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न या भाजपा रत्न !!

आंकड़े कहते हैं कि मंदिर आंदोलन के दौरान देश भर में हुए दंगों में कम से कम दो हजार लोग मारे गए थे

Bharatta
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locationभारत
userचेतना मंच
calendar05 Dec 2025 02:21 AM
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Bharat Ratna : लगता है कि मैं सठिया गया हूं। यह सठियाना नहीं तो और क्या है कि अब जब किसी अखबार में काम ही नहीं करता तो फिर मन ही मन खबरों के हैडिंग क्यों लगाता रहता हूं ? क्यों खयालों में किसी बड़ी खबर की साइड स्टोरीज तैयार करता रहता हूं ? अब देखिए न, हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा होते ही मेरे मन में फिर खबरों के अनेक अछूते एंगल विचरण करने लगे ।

रवि अरोड़ा

सबसे खास विचार तो यही आया कि क्यों न उन लोगों से प्रतिक्रिया ली जाए जिनका कोई अपना राम मंदिर आंदोलन के दौरान हुए दंगों में मारा गया था । आंकड़े कहते हैं कि मंदिर आंदोलन के दौरान देश भर में हुए दंगों में कम से कम दो हजार लोग मारे गए थे । अब किससे छुपा है कि लाल कृष्ण आडवाणी के खाते में राम मंदिर आंदोलन के अतिरिक्त और कुछ खास नहीं है और उसकी कीमत भी उन्होंने नहीं वरन देश ने चुकाई थी ।

भारत रत्न या भाजपा रत्न

खयाली खबरों के बाबत सोचता हूं तो लगता है कि एक खबर तो यह भी बननी चाहिए कि भारत रत्न देने से पूर्व देश को जरा खुल कर उनकी सेवाओं के बाबत बताया जाना चाहिए । बेशक एक पार्टी और उसकी विचार धारा के लिए उन्होंने बहुत काम किया मगर इसे देश सेवा कैसे कहा जा सकता है ? भाजपा रत्न भला भारत रत्न कैसे हो गए ? खबर का एक एंगल यह भी बनता है कि सत्ता के सर्वोच्च पद पर लगातर दस साल जमे रहने के बाद मोदी जी को अब जाकर यह ख्याल क्यों आया ? क्या देश में चरम पर पहुंच चुके सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को और तेज करने के लिए ही तो नहीं एन चुनावों से पहले ऐसा किया जा रहा है ? यदि आडवानी जी Bharat Ratna हैं तो पिछले दस सालों में उनकी ही पार्टी ने उनकी दुर्गति क्यों की ? बीते इन सालों में आडवानी जी पर हजारों चुटकुले बने , कहीं यह उनका असर तो नही है ? आडवानी जी इतने ही महान हैं तो उन्हें उस राम मंदिर के उद्घाटन में बुला कर सम्मानित क्यों नहीं किया गया जिसके लिए उन्होंने देश के सौहार्द की बलि चढ़ा दी थी ? भारत रत्न  देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और घोषित रूप से सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक, राजनैतिक, विज्ञान , मनोरंजन, खेल आदि क्षेत्रों में अतुलनीय योगदान के लिए दिया जाना चाहिए क्या यह भी अब राजनीति का एक हथियार नहीं बन गया क्या ? क्या वजह है कि अब तक दिए गए पचास भारत रत्न सम्मान में आधे से अधिक राजनीतिज्ञों की झोली में गए ? क्या देश के अन्य क्षेत्रों में कोई काम नहीं हो रहा ? अभी दस दिन पहले ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की घोषणा हुई थी और अब अचानक आडवानी जी का भी नंबर लगा दिया गया ? देश को यह जानने का हक तो है ही कि एन चुनाव से पहले ही ऐसा खयाल हमारे कर्णधारों को क्यों आता है ? एक खबर तो यह भी बननी चाहिए कि प्रधान मंत्री पद की महत्वाकांक्षा के लिए चर्चित रहे आडवानी जी कैबिनेट मंत्री के दर्जे वाले इस सम्मान को पाकर क्या सचमुच गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं ? वैसे खबरों के एंगल तो और भी बहुत हैं मगर सवाल तो वही है कि इन्हें छापेगा कौन ? भला आज के इस माहौल में ऐसी साइड स्टोरीज छापने की हिमाकत कौन सा मीडिया संस्थान कर सकता है ? मगर फिर भी खबरों के ऐसे एंगल सोचने में भला क्या हर्ज है ? सोचने पर पाबंदी तो अभी बहुत दूर ही है ना ।

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